भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश चुने गए जस्टिस सूर्यकांत ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में पद और गोपनीयता की शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। इस महत्वपूर्ण संवैधानिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, गृह मंत्री अमित शाह, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व सीजेआई बी.आर. गवई सहित देश–विदेश के कई न्यायिक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। भूटान, मलेशिया, नेपाल, श्रीलंका, ब्राजील, केन्या और मॉरिशस के मुख्य न्यायाधीश भी समारोह में शामिल हुए।
राहुल गांधी की गैरहाज़िरी पर BJP का निशाना
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के शपथ समारोह में न पहुंचने को लेकर भाजपा ने सवाल उठाए हैं।
पार्टी की आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने ‘एक्स’ पर लिखा कि यह एक महत्वपूर्ण संवैधानिक कार्यक्रम था, लेकिन राहुल गांधी फिर भी नदारद रहे। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि “किसी को नहीं पता कि वे कहां हैं या क्यों नहीं आए।”
मालवीय ने कर्नाटक की राजनीतिक स्थिति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य में सिद्धारमैया और डी.के. शिवकुमार गुटों के बीच चल रही खींचतान से सरकार अस्थिर है और कांग्रेस हाईकमान कोई ठोस निर्णय नहीं ले पा रहा, क्योंकि सब कुछ राहुल गांधी की ‘सलाह’ पर निर्भर है, जबकि वे खुद सक्रिय दिलचस्पी नहीं दिखा रहे।
भाजपा प्रवक्ताओं ने भी उठाए सवाल
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी राहुल गांधी की अनुपस्थिति पर तंज कसते हुए पूछा कि नेता प्रतिपक्ष के तौर पर उनकी वास्तविक भूमिका क्या है, जब वे संसद में व्यवधान डालने और महत्वपूर्ण संवैधानिक कार्यक्रमों से दूरी बनाने के अलावा कोई योगदान नहीं दे रहे।
देश के नए CJI के रूप में नई शुरुआत
शपथ ग्रहण के साथ ही जस्टिस सूर्यकांत ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय की कमान संभाल ली है। विभिन्न देशों के शीर्ष न्यायाधीशों की उपस्थिति ने इस समारोह को और भी खास बनाया।
उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में न्यायपालिका नए मानक स्थापित करेगी और लंबित मामलों के समाधान में तेजी आएगी।









