छत्तीसगढ़ में आज से धान खरीदी का शुभारंभ हो गया है। प्रदेश सरकार ने किसानों से किए वादों के मुताबिक जिला स्तर पर व्यापक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की हैं, ताकि 25 लाख से अधिक किसानों से समर्थन मूल्य पर सुचारू रूप से धान खरीदा जा सके।
लेकिन इसी बीच सरकार के एक बड़े कदम ने सहकारी समितियों में हड़कंप मचा दिया है। सक्ती जिले में सहकारी सेवा समिति के सात कर्मचारियों को सेवा से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। इन कर्मचारियों पर आरोप है कि उन्होंने धान खरीदी प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न की और कार्य में अनुशासनहीनता बरती।
प्रदेशभर में चार सूत्रीय मांगों को लेकर सहकारी समितियों के कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिसके चलते खरीदी व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई थी। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने ESMA (एस्मा) लागू कर दिया है। गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत हड़ताल या कार्य बहिष्कार करने वाले कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सकेगी।
जिला प्रशासन का कहना है कि धान खरीदी जैसे महत्वपूर्ण अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अवरोध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बर्खास्ती की कार्रवाई को अन्य आंदोलनकारी कर्मचारियों के लिए स्पष्ट “सख्त संदेश” के रूप में देखा जा रहा है।








