श्रीनगर के नौगाम में घनी आबादी वाले इलाके के बीच स्थित पुलिस थाना 14 नवंबर की रात एक भीषण विस्फोट से हिल गया। रात 11 बजकर 22 मिनट पर हुए धमाके ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि थाना पलभर में आग के गोले में बदल गया और नौगाम के आसमान में आग का ऊँचा गुंबद दिखाई देने लगा। आसपास की इमारतें झटके से क्षतिग्रस्त हो गईं और कई किलोमीटर दूर तक लोग नींद से जाग उठे।
सीसीटीवी फुटेज में दिखा दृश्य किसी युद्ध फिल्म जैसा प्रतीत हो रहा था। विस्फोट के समय थाने में मौजूद 9 लोग, जिनमें एक इंस्पेक्टर, सीएफएसएल के तीन विशेषज्ञ, क्राइम ब्रांच के दो फोटोग्राफर, दो रेवेन्यू अधिकारी और एक स्थानीय दर्जी शामिल थे, मौके पर ही जान गंवा बैठे।
बताया जा रहा है कि 9 नवंबर को हरियाणा और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम ने फरीदाबाद में जैश-ए-मोहम्मद के नए ‘डॉक्टर मॉड्यूल’ का भंडाफोड़ किया था। थाने में बरामद बड़े पैमाने पर अमोनियम नाइट्रेट की सैंपलिंग का काम लगभग पूरा हो चुका था। इसी दौरान तरल विस्फोटक सामग्री के सैंपल लेने की तैयारी की जा रही थी, जिसके लिए अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत थी।
प्रारंभिक जांच में आशंका है कि इसी प्रक्रिया के दौरान संवेदनशील रसायनों की प्रतिक्रिया के कारण बड़ा विस्फोट हुआ। सुरक्षा एजेंसियाँ अब पूरी घटना की वैज्ञानिक और तकनीकी जांच कर रही हैं।









