छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 के लिए धान खरीदी का महाअभियान 15 नवंबर से शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर इस वर्ष भी किसानों को ₹3,100 प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य दिया जाएगा। राज्य सरकार ने धान उपार्जन को पूरी तरह पारदर्शी, समयबद्ध और किसान हितैषी बनाने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां की हैं।
🌾 2,739 धान खरीदी केंद्र—सुविधाओं से लैस व्यवस्था
राज्य के सभी जिलों में कुल 2,739 धान खरीदी केंद्र बनाए गए हैं।
- किसानों की सुविधा के लिए माइक्रो एटीएम
- सुचारु डेटा एंट्री के लिए 2,739 आउटसोर्स ऑपरेटर
- केंद्रों पर पेयजल, शेड और बैठने की बेहतर व्यवस्था
पहले दिन प्रदेश के 195 उपार्जन केंद्रों में 19,464 क्विंटल धान की खरीदी की गई।
⚖️ खरीदी में बाधा रोकने सरकार ने दिखाया दम—एस्मा लागू
धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी तरह की रुकावट न हो, इसके लिए सरकार ने छत्तीसगढ़ आवश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम (ESMA) 1979 लागू कर दिया है।
- 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक पूरी अवधि के लिए लागू
- समिति प्रबंधक, आरईओ, पटवारी, पंचायत कर्मचारी सहित सभी ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी अनिवार्य रूप से कार्य करेंगे
- लापरवाही या कार्य से इनकार पर सीधी कार्रवाई और गिरफ्तारी तक का प्रावधान
यह कदम इस बार धान खरीदी को अड़चनों से मुक्त रखने की सरकार की दृढ़ता को दर्शाता है।
🙏 फूल-मालाओं से किसानों का स्वागत
धान खरीदी शुरू होते ही प्रदेश भर के केंद्रों में किसानों का पारंपरिक रूप से फूल-मालाओं से स्वागत किया गया।
जिले–जिले में जनप्रतिनिधियों ने विधिवत् शुभारंभ किया—
- उपमुख्यमंत्री अरुण साव: बिलासपुर के सेंदरी केंद्र
- उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा: कबीरधाम के महाराजपुर केंद्र
- खाद्य मंत्री दयालदास बघेल: सूरजपुर के चंद्रपुर केंद्र
- कृषि मंत्री रामविचार नेताम: बलरामपुर के डौरा-कोचली केंद्र
सभी जगह किसानों के सम्मान और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।
🌱 मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कलेक्टरों और धान उपार्जन से जुड़े अधिकारियों को आदेश दिया कि—








