पहले दिन ही रिकॉर्ड उपार्जन : छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के तहत 19,464 क्विंटल धान खरीदा

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी सत्र 2025-26 की औपचारिक शुरुआत हो गई है। राज्य सरकार द्वारा की गई व्यापक तैयारियों के बीच पहले ही दिन किसानों ने पूरे जोश के साथ धान बेचने के लिए उपार्जन केंद्रों का रुख किया। पहले दिन कुल 19,464 क्विंटल धान की खरीदी हुई, जो किसानों के भरोसे और सरकार की व्यवस्था का संकेत है। राज्यभर के 195 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी का शुभारंभ सकारात्मक रहा।

प्रदेश में बड़े पैमाने पर तैयारी पूरी
राज्य के कुल 2,739 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी के लिए सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से की गई हैं। सरकार ने इस सत्र में 160 लाख मैट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया है। किसानों को समर्थन मूल्य के तहत 3,100 रुपये प्रति 21 क्विंटल धान का भुगतान किया जाएगा। छोटे और सीमांत किसानों को दो टोकन, जबकि बड़े किसानों को तीन टोकन जारी किए गए हैं, जिससे खरीदी में सभी को समान अवसर मिले।

समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पलाइन सक्रिय
धान खरीदी के दौरान किसी भी असुविधा से बचने के लिए राज्य सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 1800-233-3663 शुरू किया है। शिकायतों और समस्याओं का समाधान तुरंत करने के लिए विशेष टीम नियुक्त की गई है।

सहकारी कर्मचारियों की हड़ताल पर रोक
धान खरीदी को प्रभावित होने से बचाने के लिए सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल पर सरकार ने रोक लगा दी है। खरीदी कार्य से इनकार करने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। इसके साथ ही, खरीदी प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के लिए 2,739 डेटा एंट्री ऑपरेटरों की नियुक्ति की गई है।

मुख्यमंत्री साय ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धान खरीदी की शुरुआत को किसानों की मेहनत और विश्वास का उत्सव बताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा किया। उन्होंने कहा कि धान खरीदी को व्यवस्थित, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संचालित किया जाएगा।

सीएम ने लिखा—
“आज भोर की सुनहरी किरणों के साथ छत्तीसगढ़ की धरती पर धान खरीदी की फिर शुरुआत हुई है। यह किसानों की मेहनत और सरकार पर उनके विश्वास का उत्सव है। मैंने सभी जिलों में आधारभूत व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि हर किसान बिना परेशानी के धान विक्रय कर सके। ‘तुँहर टोकन एप’, जीपीएस आधारित परिवहन, सतर्क एप, कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर और पारदर्शी सिस्टम—हर स्तर पर तकनीक और किसान-हित हमारी प्राथमिकता है। हमारा संकल्प है: किसान को सुविधा, सम्मानजनक खरीदी और समय पर भुगतान।”

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के इस महाअभियान ने किसानों में नई उम्मीद जगाई है और राज्य सरकार ने इसे सुचारू रूप से संचालित करने का भरोसा दिया है।

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